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“Fatty Liver: what, why & how? (“फैटी लीवर: क्या, क्यों और कैसे?”)

Reading time: 3 Minutes

1. What is Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD)?

NAFLD क्या है?

  • Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) is a condition where excess fat builds up in the liver, but it is not related to alcohol consumption. This condition often occurs without any symptoms and develops gradually.

NAFLD एक ऐसी स्थिति है जिसमें यकृत (लिवर) में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है, लेकिन यह स्थिति शराब के सेवन से संबंधित नहीं होती है। यह स्थिति अक्सर बिना किसी लक्षण के होती है और धीरे-धीरे विकसित होती है।

2. Why does Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) occur?

NAFLD क्यों होता है?

There are several reasons for NAFLD:

  • Obesity: It is common in people who are overweight and obese.
  • Diabetes: People with type 2 diabetes are at a higher risk of developing NAFLD.
  • High Cholesterol and Triglycerides: High levels of fats in the blood can cause fat to accumulate in the liver.
  • Metabolic Syndrome: People with this syndrome are at increased risk of NAFLD.

NAFLD के कई कारण हो सकते हैं:

  • मोटापा: अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त लोगों में यह स्थिति आम होती है।
  • मधुमेह: टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में NAFLD का खतरा अधिक होता है।
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स: उच्च वसा स्तर यकृत में वसा जमा होने का कारण बन सकते हैं।
  • मेटाबोलिक सिंड्रोम: इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों में NAFLD का खतरा बढ़ जाता है।

3. What will happen with Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD)?

यदि NAFLD का इलाज नहीं किया गया तो का क्या होगा?

If NAFLD is not treated, it can become severe and progress to the following conditions:

  • Non-Alcoholic Steatohepatitis (NASH): Inflammation and damage occur in the liver.
  • Liver Fibrosis: Scarring begins to form in the liver.
  • Liver Cirrhosis: The liver becomes hard and permanently damaged, losing its functionality.
  • Liver Cancer: In some cases, liver cancer can develop.

यदि NAFLD का इलाज नहीं किया गया तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है और निम्नलिखित स्थितियों में बदल सकती है:

    • गैर-शराबी स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH): यकृत में सूजन और क्षति होती है।
    • यकृत फाइब्रोसिस: यकृत में निशान पड़ना शुरू हो जाता है।
    • यकृत सिरोसिस: यकृत कठोर और स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिससे यकृत की कार्यक्षमता समाप्त हो जाती है।
    • यकृत कैंसर: कुछ मामलों में, यकृत कैंसर विकसित हो सकता है।

4. How can Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) be treated?

NAFLD कैसे ठीक हो सकता है?

Treatment for NAFLD may involve lifestyle changes and medications:

  • Weight Loss: Losing weight through a healthy diet and regular exercise is crucial.
  • Healthy Diet: Consuming a balanced and nutritious diet with low levels of fat and sugar.
  • Exercise: Regular physical activity such as walking, running, or swimming can help reduce fat.
  • Medications: Doctors may prescribe specific medications to help reduce liver inflammation and fat.
  • Regular Check-Ups: It is important to regularly visit the doctor to monitor the condition of the liver.

NAFLD के उपचार में जीवनशैली में बदलाव और दवाओं का संयोजन शामिल हो सकता है:

  • वजन घटाना: स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से वजन कम करना महत्वपूर्ण है।
  • स्वस्थ आहार: संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें, जिसमें वसा और शक्कर की मात्रा कम हो।
  • व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधि, जैसे कि चलना, दौड़ना, या तैराकी, वसा को कम करने में मदद कर सकती है।
  • दवाएं: डॉक्टर कुछ विशेष दवाएं भी लिख सकते हैं जो यकृत की सूजन और वसा को कम करने में मदद करती हैं।
  • नियमित जांच: नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाकर यकृत की स्थिति की जांच करवाना महत्वपूर्ण है।

Small Changes, Big Impact!

By identifying NAFLD early and providing appropriate treatment, serious complications associated with the disease can be prevented. Positive lifestyle changes can help prevent this condition.

NAFLD को समय रहते पहचान कर और उचित उपचार कर इससे संबंधित गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करके इस बीमारी को रोका जा सकता है।

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