जाने मोटापे(Obesity) के बारे में सब कुछ – क्या, क्यों और कैसे ठीक करें?

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1. परिचय – मोटापा क्या है(Intro. what is obesity? )

क्या आप भी मोटापे से परेशान हैं? यदि हाँ तो यह आर्टिकल आप ही के लिए है ,आइये विस्तार से समझते हैं इसके बारे में|

मोटापा (ओबेसिटी) असामान्य रूप से हमारे शरीर में  इकट्ठा होने वाले हानिकारक वशा को कहा जाता  है। मोटापा एक बेहद जटिल बीमारी है जो की पूरी दुनिया में व्यापक रूप से फ़ैल चुकी है मोटापे का सम्बन्ध कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी है जैसे-हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, टाइप-2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल एवं ऑस्टियोआर्थराइटिस आदि |  साथ ही समय दर समय हर साल ये बढ़ती ही जा रही है |

Everything-about-obesity

विश्व स्वस्थ संगठन (W.H.O.) द्वारा  2022 में हुई स्टडी के अनुसार विश्व में प्रत्येक 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे की समस्या से जूझ रहा है जबकि विश्व में कुल 89 करोड़ लोग मोटापे से पीड़ित  है जो की काफी भयावह है इसलिए हम सबके लिए और आने वाली पीढ़ी के लिए ये काफी चिंता का विषय है जिसका समाधान वक्त रहते किया जाना चाहिए |

2. मोटापे के लक्षण(Symptoms of obesity):

  • सांस में तकलीफ
  • अधिक पसीना आना 
  • सोते समय परेशानी
  • खर्राटे आना 
  • त्वचा संबंधी समस्याएं
  • कुछ शारीरिक प्रदर्शन करने में असमर्थता
  • जल्दी थकान होना 
  • मनोवैज्ञानिक प्रभाव
  • भोजन विकार
  • वसायुक्त ऊतक जमा
  • कूल्हों और पीठ पर खिंचाव के निशान
  • कब्ज होना 
  • आर्थोपेडिक समस्या

उपरोक्त में से किसी एक या एक से अधिक लक्षण पाया जाना मोटापे (obesity) का संकेत हो सकता है| 

3. मोटापे से सम्बंधित मेडिकल जांचे:

  • त्वचा की तह की मोटाई का परीक्षण
  • कमर से कूल्हे तक की तुलना
  • स्क्रीनिंग परीक्षण, जैसे अल्ट्रासाउंड(USG), सीटी स्कैन(CT SCAN) और एमआरआई(MRI)
  • लिवर फ़ंक्शन परीक्षण(LFT)
  • मधुमेह स्क्रीनिंग परीक्षण
  • थायराइड परीक्षण
  • हृदय परीक्षण, जैसे: Electrocardiogram (ईसीजी या ईकेजी)
  • कमर के आप पास की चर्बी भी मोटापे का पता करने में सहायक होती है| 

4 . सामान्य Vs. आसामान्य Weight की माप

हमारा वजन सामान्य है या असामान्य इसका अंदाज़ा हम अपने हाइट(Height) एवं वजन(weight) के आधार पर अपना BMI कैलकुलेट करके लगा सकते हैं | 

18.5 से कम – कम वज़न (Under Weight)

18.5 से 24.9 के बीच – संतुलित वज़न (Balanced Weight)

25 से 29.9 के बीच – अधिक वज़न (Over Weight)

30 से अधिक – मोटापा (Obesity)

BMI Calculator का इस्तेमाल करने के लिए यहाँ 👉click करें |

5. मोटापे के मुख्य कारण (Some main cause of obesity)

i- खान-पान की गलत आदतें: (⬆अधिकतम कैलोरी + ⬇न्यूनतम न्यूट्रिशन) वाले खाद्य पदार्थों जैसे की fast food का सेवन, शर्करायुक्त पेय पदार्थ, processed snacks खाना हमारे मोटापे का मुख्य कारण हो सकता है इसके अलावा food addiction, over eating, अनियमित रूप से भोजन का सेवन करना भी खान-पान की गलत आदतों में शामिल हैं |  

ii- भौतिक गतिविधियाँ: भौतिक गतिविधियों की कमी से शारीरिक सक्रियता कम होती है, जो मोटापे के उत्पन्न होने का कारण बन सकती है।

iii- पर्यावरण और समुदाय- कुछ समुदाय आपूर्ति और पहुंच की कमी का सामना करते हैं, जिसके कारण उन्हें सस्ते और प्रचुर खाद्य पदार्थों पर अधिक निर्भरता हो सकती है, जिनमें अधिक आलस्य और मोटापा के खतरे हो सकते हैं।

iv- नींद की कमी: अच्छी नींद का अभाव हमारे मेटाबोलिज्म को प्रभावित कर सकता है और वसा जमा होने का कारण बन सकता है।

v- धूम्रपान: धूम्रपान भी मोटापे के लिए एक कारण हो सकता है, क्योंकि यह अपेक्षित रूप से उत्सर्जित कैलोरीज को बढ़ा सकता है और व्यक्ति के मेटाबोलिज्म को प्रभावित कर सकता है।

vi- Hormonal: हार्मोनल परिवर्तन, जैसे कि पुबर्टी(puberty), गर्भावस्था या रजोनिवृत्ति(menopause) के दौरान होने वाले परिवर्तन, Metabolism को प्रभावित कर सकते हैं और वजन बढ़ने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

vii- दवाइयों का सेवन: कुछ दवाएं जैसे कि स्टेरॉयड्स या एंटिडिप्रेसेंट्स वजन बढ़ने के कारण बन सकती हैं क्योंकि वे आपके शारीरिक प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और आपके खाने के प्रवृत्तियों को परिवर्तित कर सकती हैं।

viii- उम्र(Age): उम्र बढ़ने के साथ, मेटाबोलिज्म की गिरावट, मांसपेशियों की घटती गति, हार्मोनल परिवर्तन, कम शारीरिक गतिविधि से शरीर का वजन बढ़ने लगता है परिणामस्वरूप मोटापे का कारण बनता है| 

ix- आनुवंशिकी: कुछ लोगो में अनुवांशिकी अभिप्रेरण उनके मोटापे की वजह हो सकती है| 

xi- मनोवैज्ञानिक और अन्य कारक: स्ट्रेस और डिप्रेशन विशेष रूप से हमारे कार्यशैली, भोजन के चयन और पाचनतंत्र प्रभावित करता है जो की अधिकांश लोगो के शरीर में फैट जमा होने की वजह हो सकता है| 

xii- Medical Reasons

  • हाइपोथायराॅयडिज्म
  •  मेनोपॉज
  •  पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
  •  स्ट्रेस और एंग्जाइटी
  • स्मॉल इंटेस्टाइन में बैक्टीरिया की ओवरग्रोथ
  • पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस
  • कुशिंग सिंड्रोम
  • प्रेडर-विली सिंड्रोम

6. मोटापे से होने वाली बीमारियां

मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों में उपरोक्त मे से कोई भी बीमारी उन्हें अपना शिकार बना सकती है|

7 . उपचार (Treatment)

i- घरेलु उपचार

  • न्यूट्रिशनल एवं स्वस्थ भोजन करें: आपको अपने भोजन में ऐसे फ़ूड शामिल करने चाहिए जिसमे प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहइड्रेट, खनिज एवं विटामिन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हों जिससे की आपके शरीर में कम से कम fat इकट्ठा हो| 
  • नियमित शारीरिक गतिविधि: जॉगिंग या रनिंग, स्किपिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग, पुश-अप्स, योगा, नृत्य आदि नियमित रूप से करना बेहतर स्वास्थ पाने एवं मोटापा कम करने में कारगर है| 
  • सही आदतें डालें : खाना चबाकर खांए, गर्म पानी पियें, व्यायाम करें, कुछ घंटे सुबह की धूप में गुजरे, ठंडे पानी का इस्तेमाल भी आपके वजन घटने की प्रकिया में लाभदायक हो सकता है हालांकि ये कभी-कभी आपके लिए मुश्किल हो सकता है लेकिन एक स्टडी के मुताबिक ये पता चला है की मॉर्निंग कोल्ड शावर लेने से शरीर में जमा हुए ऊतक सक्रीय हो जाते हैं जिससे की वाइट फैटी टिश्यू जलने और मोटापा कम करने में मदद मिलती है| 
  • विशेष आहार: लो कैलोरी फूड लें, सलाद खाएं, मखाना, स्प्राउट, प्रोटीन स्मूदी, चिया पुडिंग, ओट मील, खट्टे फल खाये, नट्स एवं ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें जैसे – मूंगफली व बादाम आदि। जो की आपके शरीर को स्लिम रखने में मदद करेगा | 
  • नींबू-शहद का सेवन: नींबू +शहद शरीर की चर्बी को गलता है, सूजन को कम करता है, लीवर को साफ़ करता है, कब्ज में भी राहत देता है इसे detox ड्रिंक की तरह भी इस्तेमाल में लिया जाता है एवं हमारे मेटाबोलिज्म को भी बेहतर करता है इसलिए नींबू एवं शहद का सेवन मोटापा कम करने में काफी मदत कर सकता है | इसका सेवन मॉर्निंग में एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच नींबू के रश के साथ कुछ बूँद शहद की मिलाकर कर सकते हैं|
  • जीरा, धनिया और अजवायन: यह हमारे पाचन तंत्र को बेहतर करने में मददगार है एवं weigh loss में काफी असरदार भी है इसका सेवन हम रात में एक गिलास पानी में भिगोकर रोजाना सुबह खाली पेट कर सकते हैं |  
  • सौंफ का सेवन: सौंफ में फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसलिए इसमें ऐसे लाभकारी गुण हैं जो हमरे मेटाबोलिज्म को बेहतर बना सकता है एवं हमारे fat को भी कम करने में काफी मददगार हो सकता है| इसे हम एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालने के बाद इसे उबालकर पी सकते हैं| आप इसे पाउडर फॉर्म में भी रोजाना ले सकते हैं| 
  • सेब के सिरके का करें सेवन: 1 से 2 चम्मच सेब के सिरके को अपने आहार में शामिल करने से आपको वजन घटाने में मदत मिल सकती है | 
  • दालचीनी का सेवन: दालचीनी का उपयोग भी आप कई प्रकार से अपने खाने पीने की चीज़ों जैसे की सब्जी, शेक, स्मूदी आदि में कर सकते हैं , इसके अलावा आप रात में दालचीनी को धनिया और जीरे के बीज के साथ पानी भिगोकर सुबह इसके पानी को उबालकर छानने के बाद इसका सेवन रोजाना खाली पेट कर सकते हैं  जिससे आपको मोटापा काम करने में काफी सहायता मिल सकती है | 

नोट: बताये गए सभी उपचार आपके सामान्य जानकारी के लिए हैं अधिक जानकारी के लिए हमेशा विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें| 

ii- मेडिकल उपचार

  • वजन कम करने वाली दवाएं
  • बेरिएट्रिक सर्जरी

8. निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने जाना मोटापे, मोटापे के लक्षण, मोटापे का पता लगाने के बारे में सम्बंधित जांचे, सामान्य व आसामन्य वजन की माप कैसे करें, मोटापे के मुख्य कारण, मोटापे से होने वाली बीमारियां, उपचार एवं अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | उम्मीद है ये आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हुआ होगा| यदि आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट कर हमे अवश्य बताएं और भविष्य में हेल्थ से जुडी ऐसी अन्य जानकारी पाने के लिए healthbanyan से जुड़े रहें |

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